सोशल मीडिया पर वायरल हुई मेडिसिटी अस्पताल की कहानी, देखें लोगों के कमेंट

 

बरेली. डाक्टर कहने को तो भगवान का दूसरा रूप माना जाता है. लेकिन जिले के कुछ निजी अस्पतालों द्वारा ये जाँच, वो जांच, प्राईवेट, जनरल वार्ड, सौ तरह की दवाईयां, अपने यहाँ मरीज की दोवारा वही जाँच कराने आदि के नाम पर खुलेआम लूट की जा रही है.

 

इस तरह की लूटों से तंग आकर लोगों ने अब सोशल मीडिया का सहारा ले ऐसे डाक्टरों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है.
 

 

मेडिसिटी अस्पताल के खिलाफ खोला मोर्चा 
 

फेसबुक अकाउंट पर ऋषिपाल गंगवार ने लिखा है कि मेडिसिटी अस्पताल में लोग आते तो परिजनों का इलाज कराने, लेकिन जांचो के खेल में खुद बीमार हो जाते हैं. उन्होंने आगे लिखा है कि मेडिसिटी अस्पताल में उन्होंने अपने पिता को 4 दिन पहले कराई गई संबंधित जांचो सहित डाक्टर को दिखाया. आरोप है कि डाक्टर ने दोवारा से वही जांचे कराने को कह दिया. अंत में उन्होने लिखा है कि मरीजों और तीमारदारों को लूटने वाले डाक्टरों से सावधान.
 

 

संजू मिश्रा ने भी लिखा अपना दर्द 

 

मिश्रा ने लिखा है कि पिता को मेडिसिटी अस्पताल में भर्ती कराया था. तुरंत ICU में भेज एक साथ किडनी और ब्रेन का आपरेशन बता दिया. रोज टेस्ट में सीरम 12 आ रहा था. लेकिन जब बाहर टेस्ट कराया तो सीरम सिर्फ 7 था. आगे लिखा है कि ICU में एक बुजुर्ग महिला जो मशीनों से लगी थी. एक नए मरीज के आने पर उसको मशीन से हटाकर कपड़ो में लपेट अलग कर दिया, जिसे मैंने आँखों से देखा और उसी दिन पिता को वहां से डिस्चार्ज कराकर दूसरे अस्पताल में शिफ्ट कर दिया.

 

 

इसके बाद तरह-तरह के कमेंट आने का सिलसिला शुरू हो गया. अरविन्द प्रजापति ने लिखा है कि ये व्यापार कर मरीजों को कुर्बानी वाले बकरे की तरह देखते हैं.

 

डाक्टर शैलेन्द्र सिंह ने लिखा है कि पीलीभीत का डाक्टर खून खेंचकर बेंच लेता है, एक करोड़ पति डाक्टर जमानत पर बाहर चल रहा है. 
 

अरुण मिश्रा लिखते है कि भाई ये डाक्टर नहीं देश को गुमराह व गुलाम करने वाले... है. जाँच से लेकर दवाईयों में मोटा कमीशन, इनके लिए कोई कानून नहीं. 
 

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